Chhoti dipawali kyon manae jaati hai - आज के इस पोस्ट में हम आपको जानकारी देने वाले हैं, छोटी दीपावली क्यों मनाई जाती है, आज की इस पोस्ट में हम छोटी दिवाली के बारे में जानेंगे।
Chhoti Diwali 2024 - साल 2024 में दीपावली का त्यौहार रविवार 12 नवंबर को पढ़ रहा है, आपको जानकारी के लिए बता देते हैं, कि छोटी दीपावली को यह दीपावली भी कहा जाता है, और इस नरक चतुर्थी भी कहते हैं, पौराणिक मान्यताओं के आधार पर छोटी दीपावली के दिन सभी भाई बंधु अपने घर के बाहर यम देवता के नाम से दक्षिण दिशा में दिया प्रज्वलित करते हैं, कहां जाता है कि ऐसा करने से परिवार व घर में सुख समृद्धि आती है, कुछ इस प्रकार से तो लोग दीपावली पर दिए जलते ही है, परंतु प्रश्न यह उठता है की छोटी दीपावली क्यों मनाई जाती है ? तो लिए इसके बारे में भी हम आपको समझते हैं दीपावली पर ठीक 1 दिन पहले छोटी दीपावली क्यों मनाई जाती है।हम आपको बताते हैं, कि छोटी दीपावली को लोग अलग-अलग नाम से जानते हैं, कहीं पर इसको नरक चतुर्थी कहते हैं, और काली चौदस भी कहा जाता है, हिंदुओं के पौराणिक शास्त्र के अनुसार पुराने समय पर किसी राज्य में नरकासुर नाम का एक राक्षस था, और वह बहुत ही बलशाली और भयानक था, उसने इंद्रदेव को भी पराजित कर रखा था, इस नरकासुर नामक राक्षस ने देवी मां के कानों से भी बालियां छीन ली थी, इस राक्षस ने हमेशा सबको परेशान किया है, देवी देवताओं साथ ही ऋषि मुनियों के पुत्रियों को छीन कर ले जाता था, और उनको बंदी बनाकर अपने पास रखता था। नरकासुर राक्षस ने लगभग अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करके 16000 स्त्रियों को बंदी बनाकर एक जेल में रख रखा था। उसे समय पर इस नरकासुर ने बहुत ही आतंक मचा रखा था, इसका वध करवाने के लिए देवी सत्यभामा ने भगवान श्री कृष्ण से निवेदन करते हुए कहा कि भगवान आप इस नरकासुर का आतंक बहुत ही फैल चुका है, और यह बहुत ही परेशान कर रहा है, आप इसका वध करें, हम आपसे आग्रह करते हैं। नरकासुल इतने गलत काम करने के बावजूद भी कोई देवी देवता उसे क्यों नहीं मार सकता क्योंकि उसको वरदान मिला था, नरकासुर की मौत एक महिला के हाथों ही हो सकती है।
भगवान श्री कृष्णा ने देवी सत्यभामा का निवेदन स्वीकार किया, नरकासुर का वध करने के लिए सत्यभामा और भगवान श्री कृष्णा अपने रथ में सवार होकर निकल गए, सत्यभामा और नरकासुर के बीच में युद्ध हुआ और नरकासुर को मारना पड़ा, और उन्होंने 16000 कन्याओं को जेल से छुड़ाया इन कन्याओं के लिए समाज के लोगों ने कहीं प्रश्न खड़े करते उससे पहले ही भगवान श्री कृष्ण ने इन सभी स्त्रियों को अपनी पत्नियों के रूप में स्वीकार कर लिया था इसलिए भगवान श्री कृष्ण की 16000 पत्नियां इस तरह बनी थी।
छोटी दीपावली क्यों मनाई जाती है ?
इसलिए कहा जाता है, कि नरकासुर के वध के दिन उनकी माता ने यह कहा था, कि मेरे पुत्र की मृत्यु पर में शोक का दिन नहीं मनाऊंगी इस दिन तो उत्सव होना चाहिए और इसी कारण की वजह से इस दिन छोटी दीपावली के रूप में मानते हैं।
अंतिम शब्द -
आज की इस पोस्ट में हमने बताया छोटी दीपावली क्यों मनाई जाती है इस प्रश्न का उत्तर आपको मिल गया होगा अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया लेख पसंद आए तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करना।